भगवद् कथा, मन की शांति और आत्मिक स्वतंत्रता: गीता ज्ञान से समझें मनुष्य के जीवन में भय, चिंता, मोह और अस्थिरता जैसी भावनाएँ आती रहती हैं। ऐसे समय में आध्यात्मिक ज्ञान व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और जीवन को एक नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर देता है। भगवद् कथा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है। कथा और प्रवचन के माध्यम से धर्म, कर्म, आत्मा और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों को सरल रूप में समझाया जाता है। मृत्यु के भय से मुक्ति की दिशा मृत्यु का भय मनुष्य की स्वाभाविक चिंता हो सकता है। भगवद् गीता में आत्मा और शरीर के बीच अंतर को समझाते हुए जीवन और मृत्यु के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के प्रवचन में भी भगवद् कथा के माध्यम से इसी प्रकार के आध्यात्मिक चिंतन की बात सामने आती है। संकल्पों की शुद्धि हमारे मन में आने वाले विचार और संकल्प हमारे कर्मों को प्रभावित करते हैं। इसलिए सकारात्मक और सात्त्विक विचारों का विकास आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। भगवद् कथा सुनना व्यक्ति को अपने विचारों और जीवन के उद्द...
भारतीय इतिहास में कई महान विजेता हुए, लेकिन सम्राट अशोक की कहानी सबसे अलग है। वे केवल इसलिए महान नहीं माने जाते कि उन्होंने विशाल मौर्य साम्राज्य पर शासन किया, बल्कि इसलिए याद किए जाते हैं क्योंकि उन्होंने युद्ध की विभीषिका देखने के बाद करुणा, धम्म और लोककल्याण को शासन का आधार बनाया। सम्राट अशोक मौर्य वंश के महान शासक थे। वे सम्राट बिंदुसार के पुत्र और चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र थे। मौर्य साम्राज्य उस समय विश्व के सबसे विशाल और संगठित साम्राज्यों में से एक माना जाता था। सम्राट अशोक: जिसने तलवार से साम्राज्य जीता और करुणा से युग जीत लिया कलिंग युद्ध: वह मोड़ जिसने अशोक को बदल दिया अशोक के जीवन का सबसे निर्णायक क्षण था कलिंग युद्ध। यह युद्ध लगभग 261 ईसा पूर्व माना जाता है। युद्ध में भयंकर जनहानि हुई। विजय तो अशोक को मिल गई, लेकिन रणभूमि पर बिखरे शव, पीड़ित परिवार और विनाश ने उनके भीतर गहरा परिवर्तन ला दिया। यही वह क्षण था जब अशोक ने स्वयं से पूछा कि यदि विजय हजारों लोगों के दुःख पर खड़ी है, तो क्या वह सच में विजय है? चंड अशोक से धम्म अशोक तक कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने युद्ध की नीति स...